फ्लू का मौसम आ गया, लक्षण और इलाज के बारे में जानिए


www.myupchar.com से जुड़े डॉ. प्रदीप जैन बताते हैं कि इन्फ्लूएंजा किसी भी उम्र के इन्सान को हो सकता है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में खतरा अधिक रहता है। इन्फ्लूएंजा वायरस के तीन प्रकार हैं। टाइए ए और टाइप बी साल में एक बार हमला करते हैं, जबकि टाइप सी के मामले कभी भी सामने आ सकते हैं। www.myupchar.com से जुड़े डॉ. गगन अग्रवाल के अनुसार, फ्लू से बचाव के लिए इन्फ्लूएंजा टीके का इस्तेमाल किया जाता है। यह टीका 6 माह के शिशु से लेकर किसी भी उम्र के मरीज को लगाया जा सकता है। इससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

ठंड का मौसम आते ही हमारे आसपास बहुत से लोग खांस रहे हैं और छींक रहे हैं। कारण – इस मौसम में करीब 200 वायरस और चार प्रकार के ह्युमन इन्फ्लूएंजा सक्रिय हो जाते हैं। ये ही फ्लू या इन्फ्लूएंजा का कारण बनते हैं। इन्फ्लूएंजा या फ्लू ऐसी बीमारी है जो वायरल इन्फेक्शन के कारण होती है। यह इन्फेक्शन बहुत तेजी से फैलता है। एक दूसरे से बात करते समय या हाथ मिलाने से भी यह इन्फेक्शन फैल जाता है। इसके इलाज के रूप में मुख्य रूप से टीके का इस्तेमाल किया जाता है। इसी टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 1 से 7 दिसंबर तक इन्फ्लूएंजा वैक्सिनेशन वीक मनाया जा रहा है।

वयस्कों में फ्लू के लक्षण

सांस की तकलीफ
छाती या पेट में दर्द
चक्कर आना, भ्रम रहना, बेसुध रहना
पेशाब न आना, जो डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है
गंभीर दर्द और कमजोरी
बुखार या खांसी जो दूर हो जाती है और फिर वापस आती है


इन्फ्लूएंजा के लक्षण

लगातार बुखार आना
सर्दी के कारण हमेशा नाक का बहना
सूखी खांसी
ठंडा पसीना आना
शरीर में दर्द जो धीरे-धीरे बढ़ता है
सिरदर्द
थकान और बीमारी जैसा अनुभव
भूख नहीं लगना


बच्चों में फ्लू का लक्षण

सांस लेने में तकलीफ
तेजी से सांस लेना
फूला हुआ चेहरा या होंठ
सीने में दर्द या गहरी सांस लेते समय पसलियों में दर्द
डिहाइट्रेशन के लक्षण जैसे 8 घंटे तक पेशाब नहीं करना
सुस्ती, खेलने से इन्कार करना
12 सप्ताह से कम उम्र के बच्चे में 104 डिग्री से ऊपर का बुखार
बुखार या खांसी जो दूर हो जाती है लेकिन फिर वापस आ जाती है।

इन्फ्लूएंजा का इलाज

www.myupchar.com से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली बताते हैं कि आमतौर पर फ्लू के लक्षण एक या दो हफ्तों तक रहते हैं। इसके बाद मरीज स्वस्थ्य हो जाता है। हालांकि कभी-कभी फ्लू बहुत गंभीर रूप से फैल जाता है। आमतौर पर इसका इलाज एंटीबायोटिक से किया जाता है। वहीं सिर दर्द और बदन दर्द के लिए दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं। इस दौरान डॉक्टर कुछ सलाह भी देते हैं जैसे – फ्लू हुआ है तो घर पर ही रहें। जितना हो सके दूसरे लोगों के सम्पर्क में आने से बचें। आराम करें और खुद को गर्म रखने की कोशिश करें। शराब या सिगरेट जैसी नशीली चीजों से दूर रहें।

फ्लू के दौरान अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखें। अदरक, गर्म चाय, लहसून सर्दियों में फायदेमंद हैं। हरी सब्जियों को सेवन अधिक से अधिक करें।

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